जनमत हिन्दी। कटनी जिला प्रशासन, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास और संस्कृति विभाग, द्वारा श्रीरामनवमी के पावन पर्व पर कलानुशासनों में श्रीरामचंद्र की महिमा केन्द्रित आविर्भाव समारोह का आयोजन उमरियापान क्षेत्र के भरभरा आश्रम स्थित शिव मंदिर परिसर में किया गया। संस्कृति विभाग द्वारा यह आयोजन जिला प्रशासन, के सहयोग से किया गया, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और शास्त्रीय-सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के अनुपम संगम ने दर्शकों का मनमोह लिया। जबलपुर के लोकगायक भवानीदास अहिरवार ने बुंदेली लोकगायन की प्रस्तुति दी। उन्होंने जनम लए राजा राम ने अवध में, हमखे लगे बड़े प्यारे बड़े लाल हो गए तुम्हारे, राम लखन सिया जानकी, जय बोलो हनुमान की, जो लो राम जियावे रे, दो बातें मन भज लैयो राम नाम तारन हारो, बम-बम भोला नाथ जय-जय माता पार्वती, जीवनदान दे रही मां सबको ज्ञान दे रही मां नर्मदा, जैसे भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। राम भक्ति और शिव स्तुति से सजी उनकी गायकी ने श्रोताओं के हृदय को छू लिया। वहीं मां नर्मदा पर आधारित गीत ने आध्यात्मिक भावों को नई ऊंचाई दी। अगली प्रस्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम कथक नृत्य नाटिका की हुई। नृत्य नाटिका की संकल्पना, कोरियोग्राफी कथक नृत्यांगना डॉ श्यामा पंडित द्वारा की गई है। प्रस्तुति में भगवान श्रीराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों राम-सीता वनवास, सीता हरण, राम की शक्ति पूजा, रावण वध को नृत्य के माध्यम से अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। तीनताल में निबद्ध इस प्रस्तुति के साथ तोड़े, टुकड़े, परन और तिहाइयों के माध्यम से लय, गति और ताल की जटिलताओं को दर्शाया गया। वहीं, भाव पक्ष रूपक ताल में अभिव्यक्त रहा, जहां अभिनय, मुखाभिनय, गत-भाव के माध्यम से कथा के संवेदनशील, भावनात्मक प्रसंगों को जीवंत कर दिया। राम की शक्ति पूजा प्रसंग ने भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा के गहन चित्रण को प्रस्तुत किया, जबकि रावण वध के दृश्य ने वीर रस से परिपूर्ण हो कर दर्शकों में उत्साह और ऊर्जा का संचार कर दिया। आविर्भाव समारोह के आयोजन में जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, शहडोल सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, पर्यावरणविद् मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता दुबे, एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि गोहल, जनपद पंचायत सीईओ यजुवेंद्र कोरी, राजाराम चौरसिया, रवि खरे, सुरेश सोनी, सरपंच श्रीमती रामसखी कोल सहित अन्य गणमान्य जनो की मौजूदगी रही।
उत्साह और उर्जा का संचार: श्रद्धा, भक्ति और शास्त्रीय-सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का संगम, आश्रम मे हुआ आयोजन










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