कटनी में पेयजल समस्या: ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

जनमत हिन्दी। कटनी जिले के बरतरी-बरतरा गांव में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को जबलपुर-हटा राज्यीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सैकड़ों महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।  ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। एक-एक बूंद पानी के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।  प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क के बीच में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और रस्सी में खाली गुम्मे लटकाकर हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया। इससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई।  ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक गांव में पीने के पानी की स्थाई व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे। चक्काजाम की सूचना मिलने पर बाकल थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं आक्रोशित थीं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल-जल योजना 22 दिन पहले ही हैंडओवर हुई है, लेकिन इसके बावजूद गांव प्यासा है।  ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को बताया कि सरकार द्वारा गांव में लाखों रुपए खर्च कर नल-जल योजना के तहत कार्य कराया गया है। ठेकेदार द्वारा काम पूरा करने के बाद इस योजना को ग्राम पंचायत के अधीन (हैंडओवर) भी कर दिया गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंचायत को योजना सौंपे हुए 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इस योजना से ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ। पंचायत की इस लापरवाही के कारण पूरा गांव बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने मौके की नजाकत को भांपते हुए सबसे पहले आक्रोशित महिलाओं और ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद उन्होंने तत्काल मौके से ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन पर लाइन पर लिया और ग्रामीणों की सीधी बात कराई। पीएचई अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द जलापूर्ति सुचारू करने के ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब आधे घंटे बाद हाईवे से जाम हटाया जा सका। चक्काजाम खुलने के बाद जब ग्राम पंचायत के सरपंच प्रमोद सिंह मौके पर पहुंचे, तो ग्रामीणों का गुस्सा उन पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सरपंच को चारों तरफ से घेर लिया और तीखे सवाल दागने शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पूछा कि जब नल-जल योजना ग्राम पंचायत के अधीन आ चुकी है, तो फिर ग्रामीणों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा पंचायत पानी की सप्लाई शुरू क्यों नहीं करवा पा रही है ग्रामीणों के इन तीखे सवालों के सामने सरपंच असहज नजर आए और वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। सरपंच की चुप्पी देख ग्रामीण और अधिक भड़क गए और मौके पर जमकर तू-तू-मैं-मैं होने लगी। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद पुलिस टीम को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद बमुश्किल ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *