जनमत हिन्दी। कटनी कांग्रेस के जिला कार्यालय में रविवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। कांग्रेस द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक सौरभ सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला, जिला प्रभारी मनु मिश्रा, महिला कांग्रेस प्रभारी विजयलक्ष्मी मिश्रा मौजूद रही। इस मौके पर जिला कांग्रेस प्रभारी और जिला अध्यक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी आज पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से देश और प्रदेश की जनता के सामने एक अत्यंत गंभीर विषय रख रही है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि जिस प्रकार की आपत्तियों और व्याख्याओं के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया, उसने पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद डॉ विवेक तन्खा, वरिष्ठ अधिवक्तता अभिषेक मनु सिंघवी सहित कांग्रेस नेतृत्व ने लगातार यह प्रश्न उठाया है कि क्या चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप संचालित होगी या राजनीतिक दबावों के आधार पर चलेगी। पत्रकारवार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का कहना है कि पहला, जिस निजी परिवाद का उल्लेख किया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। प्रतिवादी और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है। वहीं जिला प्रभारी मनु मिश्रा ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33 और फॉर्म-26 की व्यवस्था का उद्देश्य उन आपराधि मामलों की जानकारी प्राप्त करना है जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्रवाई चल रही हो और कानून के अनुरूप आवश्यक प्रकटीकरण अपेक्षित हो। कांग्रेस का मत है कि जिस आधार नामांकन निरस्त करने का कारण बनाया गया, वह इन प्रावधानों की भावना और व्याख्या से मेल खाता।
कटनी से कांग्रेस का बड़ा बयान: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर सरकार को घेरा, चुनावी निष्पक्षता पर उठाए सवाल



































































































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