जनमत हिन्दी। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने नीट और आईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। कचहरी तिराहे पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से झालमुड़ी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की, साथ ही परीक्षा रद्द होने से छात्रों में व्याप्त नाराजगी को उजागर किया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशू मिश्रा अंशु ने कहा कि नीट और आईआईटी परीक्षाओं का विवादों में घिरना केन्द्र सरकार की विफलताओं का प्रमाण है। उन्होने आरोप लगाया कि सरकार ने लगभग 22 लाख छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। एनएसयूआई ने केंद्र सरकार से कई प्रमुख मांगें कीं। इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तत्काल भंग करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग और पूरे परीक्षा घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराना शामिल है। इसके अलावा एनएसयूआई ने मांग की कि परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों को उचित आर्थिक मुआवजा और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। संगठन ने यह भी कहा कि सरकार की ओर से उन्हें मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और कानूनी सहायता भी मिलनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन, कमल पांडेय, आनंद पटेल, राकेश गुड्डू द्विवेदी, विनीत जयसवाल, सेवादल अध्यक्ष मंगल सिंह, चोखे भाई, शशांक गुप्ता, सूर्यकांत कुशवाहा, अभिषेक प्यासी, प्रिंस वंशकार,राहुल पटेरिया, कपिल रजक, विजय मंगल चौधरी, अवध यादव, राघवेंद्र सिंह, प्रिंस गुप्ता सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सरकार की नाकामी का परिणाम है पेपर लीक: यूथ कांग्रेस ने झालमुड़ी बेचकर किया विरोध प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी































































































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