कटनी में सजेगा आस्था का महाकुंभ: 144वीं भव्य भगवान जगन्नाथ रथयात्रा 15 जुलाई से, 1100 दीपों की महाआरती से होगा शुभारंभ

जनमत हिन्दी। कटनी शहर की आस्था का प्रमुख केंद्र बाबा जगन्नाथ मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक और धार्मिक उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। श्री जगदीश स्वामी मंदिर कमेटी और श्री संक्रांति सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में इस वर्ष भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी का 144वां भव्य रथयात्रा महोत्सव 15 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक बेहद श्रद्धा, भक्ति और अनूठे आकर्षणों के साथ आयोजित किया जा रहा है। समिति के सदस्यों की कड़ी मेहनत इस बार महोत्सव को और भी ज्यादा अलौकिक रूप देने वाली है। इस वर्ष का रथयात्रा महोत्सव पहले से कहीं अधिक भव्य होगा। शहर में पूरी तरह से भक्तिमय माहौल निर्मित करने के लिए विशेष रूप से दिल्ली के इस्कॉन मंदिर की भजन मंडली को आमंत्रित किया गया है, जो अपने भजनों से पूरे नगर को गुंजायमान करेगी। इसके साथ ही दक्षिण भारत की कथक नृत्य की जीवंत झांकियां और अनेक भजन मंडलियां इस बार नगर वासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 15 जुलाई शाम 4 बजे से महोत्सव का शुभारंभ एक विशाल वाहन रैली के साथ होगा । 16 जुलाई शाम 4 बजे 1100 दीपों की भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा । 16 जुलाई शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ जी की मुख्य भव्य रथयात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई सब्जी मंडी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचेगी। 17 से 22 जुलाई तक भगवान जगन्नाथ जी सब्जी मंडी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में विश्राम करेंगे । 23 जुलाई को माता जानकी की रथयात्रा भगवान को मनाने के लिए शाम 4 बजे जगन्नाथ मंदिर से माता जानकी का रथ रवाना होगा और प्रभु को मनाकर शोभायात्रा के माध्यम से वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाएगा । 24 से 26 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से जगन्नाथ मंदिर परिसर में देश की विभिन्न भजन मंडलियों द्वारा भव्य भजन संध्या, संकीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे । 27 जुलाई को सुबह हवन-पूजन, ब्राह्मण भोजन और कन्या भोजन के बाद विशाल महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा, जो प्रभु इच्छा तक लगातार चलेगा। श्री जगदीश स्वामी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद सरावगी और सचिव शिव सोनी सहित मंदिर समिति के समस्त पदाधिकारियों व सहयोगियों ने पूरे जिले वासियों और श्रद्धालुओं से सपरिवार इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होकर भगवान जगन्नाथ स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने और धर्म लाभ उठाने की भावभीनी की है।

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