जनमत हिन्दी। मानव तस्करी के संदेह में कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से रेस्क्यू कर उतारे गए 165 मुस्लिम बच्चों बाल गृह भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मानव तस्करी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पूरे मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि सद्दाम हुसैन और अमानुल्लाह सहित 8 लोगों के खिलाफ बच्चों की तस्करी के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेस्क्यू किए गए 165 में से 84 बच्चों को रात में ही दो बसों से जबलपुर के बाल गृह भेज दिया गया, जबकि 81 बच्चों को कटनी बाल गृह में रखा गया है। जिला प्रशासन सभी बच्चों के खाने-पीने और स्वास्थ्य की व्यवस्था कर रहा है। सभी का मेडिकल कराया गया है। जीआरपी को सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 12150 पटना-पुणे एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस 1, एस 2, एस 3, एस 4 और एस 7 में काफी संख्या में नाबालिग बच्चों को ले जाया जा रहा है। जैसे ही ट्रेन रात में कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची, पुलिस, महिला बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण अधिकारियों की टीम ने बोगियों को घेर लिया और सभी 165 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। पूछताछ के दौरान बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने दावा किया कि वह महाराष्ट के लातूर के एक मदरसे में शिक्षक है और इन बच्चों को बिहार के अररिया से वहां पढ़ने के लिए ले जा रहा था। सद्दाम ने यह भी कहा कि वह पिछले 10 साल से इसी तरह बच्चों को ले जा रहा है। बाल सुरक्षा अधिकारी मनीष तिवारी के अनुसार, विभाग को इन बच्चों से महाराष्ट्र में मजदूरी या अन्य गैर-कानूनी काम कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। बच्चों के पास यात्रा से संबंधित वैध दस्तावेज और पुख्ता टिकट नहीं मिले, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, बच्चों के परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है।
ट्रेन से उतारकर बाल गृह भेजे बच्चे: बिहार से ले जा रहे थे महाराष्ट्र, आठ के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज










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