कटनी में पहली बार ऐसा एक्शन: रिश्वत लेने के आरोप में आरक्षक सस्पेंड, थाना प्रभारी को हटाया

जनमत हिन्दी। कटनी जिले के बहोरीबंद थाना क्षेत्र में एक आरक्षक को प्रशिक्षु डीएसपी शिवा पाठक और स्लीमनाबाद एसडीओपी  आकांक्षा चतुर्वेदी ने ट्रेक्टर चालक से पांच रूपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। खास बात यह है कि आरक्षक को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से दोनों महिला अधिकारियों ने सादी वेशभूषा में उसी टै्रक्टर में मजदूरों के साथ सवार थीं, जिस ट्रेक्टर चालक से आरक्षक ने पांच सौ रूपए मांगे थे। आरक्षक को रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उसे निलंबित कर दिया है, जबकि बहोरीबंद थाना प्रभारी को हटा दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसपी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बहोरीबंद थाना क्षेत्र में वाहन चालकों, खासकर किसानों और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। जिसके बाद योजना के तहत के तहत दोनों महिला अधिकारी प्रशिक्षु डीएसपी शिवा पाठक और स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने सुबह करीब 5 बजे सादा वेश धारण किया और ट्रैक्टर पर मजदूरों के साथ बैठ गईं।  स्लीमनाबाद मोड़ के पास थाना मोबाइल वाहन पर तैनात आरक्षक लक्ष्मण पटेल ने ट्रैक्टर को रोका और 5 सौ रुपए की मांग की। जैसे ही आरक्षक ने पैसे लिए, ट्रैक्टर पर मौजूद महिला अफसरों ने तत्काल उसे पकड़ लिया।  पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसे बाद में वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया। कार्रवाई के बाद एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक को निलंबित कर दिया। साथ ही थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया को लापरवाही के आरोपों में पद से हटा दिया गया। फिलहाल थाना की जिम्मेदारी टूआईसी धनंजय पांडेय को सौंपी गई है। थाना प्रभारी पर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। आरक्षक को उसके ही अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने का संभवत: जिले का पहला मामला है, इससे पहले किसी भी आरक्षक, प्रधान आरक्षक या सहायक उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक और थाना प्रभारी को पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ऐसी योजना बनाकर नहीं पकड़ा गया है। यही वजह है कि यह कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस विभाग में ही हड़कंप मच गया है। 

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