जनमत हिन्दी। शहर में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की वारदातों को रोक पाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है, बेखौफ बदमाशों ने कानून व्यवस्था और पुलिस के वजूद को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। आए दिन हो रही चाकूबाजी से पूरे शहर में दहशत का महौल है। बावजूद इसके पुलिस कोई ठोस कार्रवाई करते नहीं दिख रही है। पुलिस की भूमिका सांप निकलने के बाद लकीर पीटने की नजर आ रही है। दो दिन पहले एक युवक की चाकू मारकर हत्या से फैली सनसनी अभी खत्म भी नहीं थी, इस बीच फिर से चार युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार बरगवां निवासी सोनू और मोनू अपने घर के पास एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी शराब के नशे में धुत 10 से 12 युवकों का एक झुंड वहां पहुंचा और गाली-गलौच करने लगा। जब सोनू और मोनू ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए दो अन्य युवक भी इस हमले में गंभीर घायल हो गए। वारदात के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वारदात की सूचना मिलते ही रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर पुलिस के प्रति रोष है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चाकू बाजी से दहशत का महौल है। अपराधिक प्रवत्ति के लोगों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। बदमाशों बैखौफ चाकू से हमला कर शहर में आतंक का पर्याय बने हुए हैं।
कटनी में बेलगाम चाकूबाज: वारदातों से दहशत में शहर, कानून व्यवस्था पर सवाल










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