जनमत हिन्दी। कटनी जिले के शिक्षकों में टीईटी परीक्षा को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने लगभग 15 सौ से अधिक शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा का विरोध किया। टीईटी संघर्ष समिति के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने शासन की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने संयुक्त कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें शिक्षकों ने अपनी समस्याएं रखते हुए टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि 1998 से 2010 के बीच उनकी भर्ती तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई थी। ऐसे में 2010 के बाद लागू कानून की शर्तें उन पर लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों ने कहा कि 20-25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों को फिर से परीक्षा देने के लिए मजबूर करना गलत है। इससे नौकरी खत्म होने और जबरन सेवानिवृत्ति का डर बना हुआ है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि 2010 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता तुरंत खत्म या शिथिल की जाए। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की भी मांग की गई है। शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने सालों तक शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया है, इसलिए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए।
टीईटी परीक्षा का शिक्षकों ने किया विरोध: सैकड़ों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, परीक्षा का आदेश वापस लेने की मांग










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