जनमत हिन्दी। मध्यप्रदेश के मैहर, कटनी, शहडोल और उमरिया जिलों को आपस में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण महानदी पुल बंद होने से आमजन को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर कैमोर निवासी समाजसेवी अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी ने वर्ष 2024 के अक्टूबर महीने में माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि पुल को शीघ्र मरम्मत कर नागरिकों के लिए पुनः खोला जाए, ताकि क्षेत्रीय यातायात सुचारु हो सके। याचिकाकर्ता ने यह भी उल्लेख किया था कि पुल के बंद रहने से न सिर्फ दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस मामले में न्यायालय ने पूर्व में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। हालिया सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने न्यायालय से समय की मांग करते हुए कहा कि पुल की वर्तमान स्थिति और यदि इसे अब तक नहीं खोला गया है, तो नागरिकों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं—इसकी जानकारी प्रस्तुत की जाएगी।न्यायालय ने सरकार को आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मई निर्धारित की है। इस बीच, क्षेत्र के नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
कटनी महानदी पुल के बंद होने का मामला: अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति की याचिका पर सुनवाई, सरकार से मांगा गया जवाब










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