जनमत हिन्दी। अमेरिका और इरान युद्ध के कारण गहराए गैस सिलेंडर संकट के बीच एजेंसी संचालकों ने आपदा में अवसर खोज लिया है। जमाखोरी के साथ ही कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। कामांर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है। इससे छोटे-बड़े होटल, चाय की दुकानें और रेस्तरां संकट में आ गए हैं। वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को केवाईसी कराने में परेशानी हो रही है, जिससे जनता में आक्रोश है। हालांकि कलेक्टर ने स्थिति की जांच के आदेश दिए हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों की कमी ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। होटल संचालकों का कहना है कि उनका स्टॉक खत्म होने वाला है और नए सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटे होटल और चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके पास केवल दो-तीन दिन का बैकअप बचा है। यदि आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उन्हें अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा, जिससे कर्मचारियों को वेतन देना और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। घरेलू गैस सिलेंडर की कमी की अफवाहों और युद्ध के डर के कारण गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग घंटों कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दो-तीन महीने पहले केवाईसी कराने के बावजूद उन्हें दोबारा केवाईसी कराने कहा जा रहा है।
गैस संकट में ‘आपदा में अवसर’: एजेंसी संचालकों पर जमाखोरी और कालाबाजारी के आरोप, कतारों में उपभोक्ता










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