जनमत हिन्दी। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को कटनी पहुंचकर जल संसाधन संभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्हीए सिद्दीकी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्यपालन यंत्री रिटायर्ड सेवानिवृत्त चौकीदार को उनके एरियर्स दिलाए जाने के बाद उनसे रिश्वत ले रहे थे। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त जबलपुर से की गई थी। जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता कुंवर लाल रजक जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्ष 2011 से 2017 के बीच जल संसाधन वर्गीकरण प्रक्रिया के तहत उनका और 9 अन्य कर्मचारियों का लगभग 7 से 8 लाख रुपए का एरियर्स बकाया था। विभाग द्वारा भुगतान न किए जाने पर इन कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को एरियर्स भुगतान के आदेश दिए थे। इसी एरियर्स की राशि जारी करने के बदले प्रभारी कार्यपालन यंत्री व्हीए सिद्दीकी द्वारा 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी। कुंवरलाल रजक ने इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें मामला सही पाया गया। आरोपी अधिकारी पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए लेने पर सहमत हुआ था। मंगलवार को कुंवरलाल रजक ने कार्यालय पहुंचकर आरोपी व्हीए सिद्दीकी को केमिकल लगे हुए नोट दिए, तभी रंगेहाथों पकड़ने के लिए घात लगाए तैनात लोकायुक्त की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व वाली 8 सदस्यीय टीम ने की है।हाथ धुलवाने पर आरोपी की उंगलियां गुलाबी हो गईं, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता कुंवर लाल रजक के एरियर्स भुगतान के बदले 50 हजार की मांग की गई थी। सत्यापन के बाद आज 20 हजार रुपए की पहली किस्त लेते हुए कार्यपालन यंत्री को रंगे हाथों पकड़ा गया है। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कटनी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: कार्यपालन यंत्री 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, अधिकारी ने रिटायर्ड चौकीदार से मांगी थी रिश्वत












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