अंतिम व्यक्ति तक कल्याण के लक्ष्य: दीनदयाल जी के विचारों को आत्मसात करने का लिया संकल्प, भाजपा ने मनाया समर्पण दिवस

जनमत हिन्दी। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लेते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आजीवन सहयोग निधि समर्पण अभियान की भी शुरुआत की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए केंद्र, राज्य सरकारें अंतिम छोर के व्यक्ति तक जनकल्याण पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारें अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर कार्यरत हैं। साथ ही उन्होंने आजीवन सहयोग निधि में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया। पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री अलका जैन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि उनके विचारों और सिद्धांतों ने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने समर्पण निधि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे संगठन सुदृढ़ीकरण का माध्यम बताया। पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति को नई दिशा और दशा दी। उन्होंने राष्ट्रवाद और एकात्म मानवदर्शन के माध्यम से समाज को नया चिंतन दिया और कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। पूर्व जिलाध्यक्ष रामरतन पायल ने कहा कि समर्पण का भाव हमें दीनदयाल जी के व्यक्तित्व से सीखने को मिलता है।वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष चमनलाल आनंद ने उनके जीवन को देश और समाज के लिए पूर्ण समर्पण का उदाहरण बताया।

भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लेते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आजीवन सहयोग निधि समर्पण अभियान की भी शुरुआत की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए केंद्र, राज्य सरकारें अंतिम छोर के व्यक्ति तक जनकल्याण पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारें अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर कार्यरत हैं। साथ ही उन्होंने आजीवन सहयोग निधि में अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया। पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री अलका जैन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि उनके विचारों और सिद्धांतों ने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने समर्पण निधि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे संगठन सुदृढ़ीकरण का माध्यम बताया। पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति को नई दिशा और दशा दी। उन्होंने राष्ट्रवाद और एकात्म मानवदर्शन के माध्यम से समाज को नया चिंतन दिया और कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। पूर्व जिलाध्यक्ष रामरतन पायल ने कहा कि समर्पण का भाव हमें दीनदयाल जी के व्यक्तित्व से सीखने को मिलता है।
वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष चमनलाल आनंद ने उनके जीवन को देश और समाज के लिए पूर्ण समर्पण का उदाहरण बताया।

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