जनमत हिन्दी। कटनी जिले में मतदाता सूची सुधार अभियान के दौरान सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित साजिश के तहत कांग्रेस समर्थकों और एक विशेष समुदाय के हजारों मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बिना जानकारी और हस्ताक्षर के वोटर आईडी का दुरुपयोग कर फॉर्म-7 जमा किए गए। इस पूरे प्रकरण ने जिले की चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मिथिलेश जैन और गुमान सिंह ने पत्राकार वार्ता कर इस तरह के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि गुलवारा गांव के रहने वाले दिलीप हल्दकर का नाम और वोटर आईडी का इस्तेमाल कर कई लोगों के नाम काटने के लिए फॉर्म-7 जमा किए गए थे। दिलीप ने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी फॉर्म पर दस्तखत नहीं किए और न ही उन्हें इसकी कोई जानकारी है। उन्होंने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर अपने नाम से दर्ज सभी फर्जी आपत्तियों को रद्द करने की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेस मिथिलेश जैन ने आरोप लगाया कि करीब 5 से 6 हजार मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आखिरी तारीख को एक साथ फर्जी आपत्तियां डाली गईं। उन्होंने तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए कहा कि सारे फॉर्म कंप्यूटर से टाइप किए गए हैं, लेकिन आपत्ति करने वाले का नाम पेन से लिखा गया है, जो इशारा करता है कि यह एक संगठित साजिश है। कांग्रेस का कहना है कि मोहम्मद उस्मान, अजमत, राबिया और सलमा जैसे कई पात्र वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष गुमान सिंह ने प्रशासन को घेरते हुए कहा कि जिस तरह शहर में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है, उससे शक है कि ग्रामीण इलाकों में भी बड़े पैमाने पर कांग्रेस समर्थित वोटरों के नाम काटे गए होंगे। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है।
एसआईआर: कटनी के कांग्रेस नेताओं ने लगाए आरोप, फर्जी आपत्ति दर्ज करा काटे जा रहे मदताता सूची से नाम












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