जनमत हिन्दी। जिले में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में चारों विधानसभा क्षेत्रों से काफी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रशासन की निष्क्रियता, पुलिस, आबकारी की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्वंय अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ मोर्चा संभालेंगी। डिप्टी कलेक्टर के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन महिला स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं का आरोप है कि जिले के ज्यादातर गांवों में अवैध शराब का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। दबंगों की शह पर चल रहे इस अवैध कारोबार की वजह से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक हालत बिगड़ रही है और सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। महिलाओं ने प्रशासन को बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका सीधा आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत के कारण ही शराब माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं अपने हाथों में डंडे और तख्तियां लेकर पहुंची थीं। महिलाओं ने साफ संदेश दिया कि अगर प्रशासन ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो वे खुद डंडे उठाकर इस अवैध कारोबार को बंद कराने के लिए मजबूर होंगी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्र महिलाओं के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनीं और आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच कराकर पुलिस और आबकारी विभाग के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के भरोसे के बाद महिलाओं ने अपना धरना खत्म किया। जिले में लगातार शराब के अवैध विक्रय के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं, पिछले दिनों स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के कुछ गांव की महिलाएं एसपी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। स्लीमनाबाद क्षेत्र में ही शराब के अवैध शराब विक्रय के खिलाफ हाइवे जाम कर महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। लगातार प्रदर्शन के बाद ऐसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है जिसके आधार पर अवैध शराब विक्रय पर पूरी तरह रोक लग सके।
गांव-गांव बिक रही अवैध शराब: कटनी में कलेक्ट्रेट के बाहर महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन, बर्वाद हो रहे ग्रामीण यूवा












Leave a Reply