अवैध खनन पर उदासीनता: स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में अवैध रूप से निकाली जा रही बॉक्साइट, नहीं हो रही कार्रवाई

जनमत हिन्दी। कटनी जिले के स्लीमनाबाद तहसील के भूला-टिकरिया गांव में अवैध बॉक्साइट उत्खनन करने वाले खनन माफिया अब पूरी तरह बेखौफ नजर आ रहे हैं। जीपीएस लोकेशन युक्त प्रमाण सामने आने और लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए है। जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए खनिज माफिया ने रास्ते को जेसीबी से खुदवा दी है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि जिला प्रशासन की जांच टीम वहां तक नहीं पहुंच सके, जहां पर अवैध उत्खनन किया गया है। सूत्रों के अनुसार खनन क्षेत्र तक पहुंचने वाले मुख्य रास्ते को जानबूझकर काट दिया गया है, ताकि कोई भी अधिकारी या जांच दल सीधे वाहन से अवैध खनन स्थल तक नहीं पहुंच सके। इस नाली के कारण चार पहिया वाहन आगे नहीं जा पाएंगे। जिससे जांच में देरी हो और खनन माफिया अपने अवैध खनन के कारनामे को छिपा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया को जैसे ही किसी अधिकारी के आने की भनक लगती है, मुखबिरों के माध्यम से सूचना दे दी जाती है। इसके बाद रात में खनन में लगे मजदूर, ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें मौके से हटा ली जाती हैं। सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन रात के समय 3 से 4 ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन मौके पर पहुंचाई जाती है। देर रात से सुबह लगभग 5 बजे तक लगातार बॉक्साइट का उत्खनन किया जाता है। सुबह होते ही मशीनें और वाहन हटा लिए जाते हैं, जिससे दिन में स्थल शांत नजर आता है। जानकारी के अनुनसार शिकायत के साथ प्रस्तुत जीपीएस लोकेशन युक्त तस्वीरों से खनन स्थल की सटीक पहचान संभव है, इसके बावजूद राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी अब तक मौके पर जाकर जांच नहीं की गई है। इसी प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही का लाभ उठाकर खनन माफिया खुलेआम रास्ते तक काटने की हिम्मत दिखा रहा है। शिकायत में किसी अजय नामक व्यक्ति का नाम भी अवैध खनन से जुड़ा बताया गया है, लेकिन न तो उससे पूछताछ की गई है और न ही किसी प्रकार की जवाबदेही तय की जा रही है। जिसके कारण जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन शासकीय भूमि पर किया जा रहा है, जिससे शासन को हर लाखों रुपए की राजस्व क्षति हो रही है। इसके साथ ही पर्यावरण को गंभीर क्षति होने के साथ ही किसानों की जमीनों को नुकसान हो रही है। ग्रामीण सड़कों की हालत भी भारी वाहनों के कारण जर्जर हो रही है। प्रशासन का अवैध खनन पर रोक लगाकर अवैध खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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