वंदे मातरम गाना नागरिक कर्तव्य: पुस्तक मेले में राष्ट्र, संस्कृति और संविधान पर मंथन, मानवाधिकार सदस्य ने व्यक्त किए विचार

जनमत हिन्दी। पुस्तक मेले के चौथे दिन शनिवार को रामचरित मानस पर प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष, गुरू तेग बाहदुर सिंह, वंदे मात्रम गीत के 150 वर्ष, हिन्दू संस्कृति और जीवन शैली, दैनिक जीवन में मोबाइल के दुष्प्रभाव विषय पर भाव अभिव्यक्ति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। शाम पांच बजे से पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो, मुख्य वक्ता के रूप में महाकौशल के सह प्रांत प्रचार प्रमुख शिवनारायण पटैल शािमल हुए। कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो द्वारा वीर बाल कटनी के अभिषेक खटीक को ऑटो रिक्शा प्रदान करते हुए ऑटो की चाबी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकारी आयोग के सदस्य माननीय प्रियंक कानूनगो द्वारा कहा गया कि हमने अभी अभी नागरिक कर्तव्य का पालन किया है। उन्होंने कहा कि अभी-अभी हम लोगों ने तीन चार बार कुछ लोगों ने जबरदस्ती, कुछ लोगों ने मेरी जिद से, कुछ लोगों ने स्वप्रेरणा से भारत माता की जय का नारा लगाया। केवल नारा लगाने से जो पूरा होने वाला कर्तव्य है वह भारत के स्वंतत्रता के आंदोलन के प्रतीक हैं, भारत माता की जय बोलना, वंदे मातरम का गान करना संविधान में निर्दिष्ट हमारे नगारिक कर्तव्यों का पालन है। जो लोग वंदे मातरम का गान करने में या भारत माता की जय बोलने में किसी भी कारण से परहेज करते हैं, वो संविधान में दिए हुए अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करना चाहते हैं। और ये वही लोग हैं जो संविधान में प्रदत्त प्रत्येक अधिकार का पूरा शोषण करना चाहते हैं, संविधान में प्रदत्त प्रत्येक अधिकार को अपने लिए संसाधनों को चूसकर खींच लेना चाहते हैं, लेकिन नागरिक कर्तव्यों में से दूसरे कर्तव्य का पालन नहीं करना चाहते हैं, तो जो लोग आइंदा से आपसे किसी भी मामले में मिले और जिनको भारत माता की जय कहने में आपत्ति हो, तो आप बिना किसी शक, संशय और शर्म के उनसे कह सकते हैं कि जो लोग भारत माता की जय नहीं बोलेंगे, वे भारत के अच्छे नागरिक नहीं हो सकते, क्योंकि भारत के नागरिक कर्तव्यों में भारत माता की जय बोलना और वंदे मातरम का गान करना शामिल है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जबलपुर से आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचार प्रमुख शिवनारायण पटेल जी ने गुरु तेग बहादुर की शहीदी के 350 में वर्ष पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अर्चना प्रकाशन की भारत के संविधान की पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम सह संयोजक डॉ जिनेंद्र द्विवेदी, जिला कार्यवाह संजय त्रिपाठी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश चन्देरिया द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *