बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग जर्जर: एक साल में उखड़ी सड़क, पुलिया भी जर्जर, इंजीनियर पर कार्रवाई और जांच की मांग

जनमत हिन्दी। बड़वारा मुख्यालय को जोड़ने वाला बड़वारा-देवरी हटाई मार्ग इन दिनों जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और क्षतिग्रस्त पुलियाओं के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क को भगवान भरोसे छोड़ रखा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्र के विधायक और सांसदों की भी अधिकारी नहीं सुनते।बड़वारा मुख्यालय की जीवनदायिनी माने जाने वाली इस सड़क की स्थिति को लेकर क्षेत्र के नागरिकों की परेशानी सामने आई है। पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने बताया कि बड़वारा नगर में प्रवेश करते ही पुलिया पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं। उनके मुताबिक यह स्थिति बड़वारा के विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है।उन्होंने बताया कि बड़वारा से बछरवारा मार्ग पर सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। किन-किन टोला, चिरूहली, चांदन और नन्हवारा मोड़ पर पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। इस मार्ग से आवाजाही करने वाले मरीज, आम नागरिक और छात्र-छात्राएं परेशानी भरा सफर करने को मजबूर हैं।ग्राम भगनवारा की जर्जर पुलिया को लेकर भी चिंता जताई गई है। आरोप है कि पुलिया कभी भी ध्वस्त हो सकती है, जिससे बड़े हादसे की आशंका है। बभनगवा मोड़ पर स्थिति ऐसी है कि वाहन निकालना भी संभव नहीं है।घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोपश्री चौहान ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले इस मार्ग पर डामरीकरण कराया गया था। उनके मुताबिक निर्माण की गुणवत्ता खराब होने और भ्रष्टाचार के चलते कुछ ही महीनों में सड़क पूरी तरह उखड़ गई। इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता भुगत रही है।क्षेत्रीय जनता और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष करण सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव को पत्र भेजा है। इसकी एक प्रति कलेक्टर श्री आशीष तिवारी को भी भेजी गई है।पत्र में लोक निर्माण विभाग के संबंधित इंजीनियर को तत्काल निलंबित करने और सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा मांग की गई है कि जब तक मार्ग को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक सांदीपनि विद्यालय बड़वारा में इस मार्ग से 15-20 गांवों से आने वाले बच्चों की सुरक्षा के हित में छुट्टी घोषित की जाए।

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