जनमत हिन्दी। कटनी विकासखण्ड के ग्राम जरवाही में बीते रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे होने जा रहे बाल विवाह को कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित महिला और बाल विकास, राजस्व, पुलिस विभाग की संयुक्त कोर टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोक दिया। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त हुई थी की, ग्राम जरवाही में एक 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह हो रहा है, इस पर मुस्तैद जिला प्रशासन की सतर्कता और तत्काल कार्रवाई से इसे रुकवाया गया।चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति कटनी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम में सम्मिलित श्री मनीष तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी, कटनी, योगेश बघेल, अध्यक्ष, दुर्गेश शर्मा, सदस्य, बाल कल्याण समिति, संजय दुबे, थाना प्रभारी, माधव नगर द्वारा मौके पर पहुंच कर पाया गया कि बालिका के विवाह की तैयारी की जा रही थी।संयुक्त टीम द्वारा बालिका के आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जांच की गई। बालिका के जन्म प्रमाण पत्र अनुसार उसकी आयु 17 वर्ष पाई गई। जो विवाह की वैधानिक आयु से कम थी। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बालिका के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि विवाह के लिए बालिका की वैधानिक आयु 18 वर्ष है। इससे कम आयु में होने वाला विवाह बाल विवाह कहलाता है और यह कानूनन अपराध है। जिला प्रशासन की टीम द्वारा परिजनों को समझाइश और परामर्श दिए जाने के बाद परिजनों ने सहमति व्यक्त की कि वे अब बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही करेंगे।इस तरह कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम की तत्काल कार्रवाई बाल विवाह को रोका गया।
रात 2 बजे प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाया, चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर हुआ एक्शन



































































































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