जनमत हिन्दी। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को कटनी जिले के कैमोर-कलहरा क्षेत्र का दौरा कर एस्बेस्टस प्रदूषण और उससे जुड़ी बीमारियों से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और वर्ष 2016 के वैज्ञानिक अध्ययन के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्वतंत्र प्रदूषण सर्वेक्षण, घर-घर चिकित्सा जांच और प्रभावित लोगों के उपचार की व्यवस्था करने की मांग की।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कैमोर में उन स्थानों का भी दौरा किया, जहां जहरीले कचरे को डंप किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री में संबंधित लोगों से जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण बच्चों और पीड़ित महिलाओं से भी मुलाकात की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कैमोर और कलहरा में एस्बेस्टस प्रदूषण से जुड़े खतरे वर्ष 2016 में किए गए वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आए थे। सरकार को बताना चाहिए कि इसके बाद दस वर्षों में क्या कार्रवाई की गई। प्रस्तुत अध्ययन संबंधी विवरण के अनुसार कनाडा की पर्यावरण परामर्श संस्था ईसीओएच मैनेजमेंट इंक. ने वर्ष 2016 में कैमोर और कलहरा में प्रदूषण का अध्ययन किया था। इसमें कैमोर में लगभग 5.62 लाख वर्ग मीटर सतही प्रदूषण और कलहरा के कचरा भराव क्षेत्र में लगभग 3,905 वर्ग मीटर दूषित क्षेत्र का अनुमान लगाया गया था। नमूनों में क्राइसोटाइल एस्बेस्टस की मात्रा 2 से 70 प्रतिशत तक पाई गई थी। दूषित सामग्री आवासीय परिसरों, कृषि भूमि और बच्चों के खेलने के मैदानों में मिलने का भी उल्लेख था। दूषित मिट्टी और सामग्री की मात्रा लगभग 10 लाख टन आंकी गई थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि फैक्ट्री में लगभग 3,500 कर्मचारी काम करते थे। उनके परिवारों को भी शामिल किया जाए तो 10 से 15 हजार लोग संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2016 में जानकारी सामने आने के बाद सरकार ने क्या कदम उठाए।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सितंबर 2026 की एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए वर्ष 2025 में कैमोर में एस्बेस्टस से संबंधित लगभग 1,200 नए मामले सामने आने का दावा भी उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से चिकित्सा जांच और सर्वेक्षण के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एस्बेस्टस के संपर्क में आने के कई वर्षों बाद भी बीमारी सामने आ सकती है। इसलिए जांच में पुराने कर्मचारियों, उनके परिवारों, आसपास के निवासियों और पूर्व विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने स्थायी मरीज रजिस्टर बनाने, नियमित चिकित्सा निगरानी करने और गंभीर रूप से बीमार लोगों के उपचार की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की मांग की।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कैमोर-कलहरा के प्रभावित क्षेत्रों का स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने, संदिग्ध स्थानों का भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) से मानचित्रण करने और मिट्टी व भूजल की जांच कराने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने प्रदूषण की सफाई, उपचार और मुआवजे की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया।प्रस्तुत सामग्री में एस्बेस्टस संबंधी बीमारियों के लिए 1,200 से अधिक लोगों को मुआवजा मिलने और लगभग 700 नए दावा प्रकरण तैयार किए जाने का उल्लेख है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई।दौरे के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला, ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ सिंह, पूर्व विधायक बसंत सिंह, पप्पू बाजपेई सहित कटनी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

































































































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