स्कूली वाहनों पर कलेक्टर सख्त: ई-रिक्शा से विद्यार्थियों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित, स्कूली बसों की सीट कैपेसिटी तय, पुरुष-महिला कंडक्टर की व्यवस्था के निर्देश

जनमत हिन्दी। कटनी जिले में स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कलेक्टर आशीष तिवारी ने अशासकीय विद्यालयों में संचालित वाहनों को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा सभी अशासकीय विद्यालयों के संचालकों और प्राचार्यों को निर्धारित सुरक्षा मापदंडों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

ये निर्देश माननीय सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन, मोटरयान अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किए गए हैं।

निर्देशों के अनुसार स्कूली वाहनों में आरटीओ द्वारा प्रमाणित आवश्यक दस्तावेज, चालक का वैध ड्रायविंग लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट द्वार, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीव्ही कैमरा, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम उपलब्ध होना अनिवार्य रहेगा। वाहनों में निर्धारित सीट कैपेसिटी के अनुसार ही विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था करनी होगी। बसों में पुरुष एवं महिला कंडक्टर की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं।

ई-रिक्शा से विद्यार्थियों का परिवहन प्रतिबंधित

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्कूली बच्चों के परिवहन में लगे वाहनों का नियमित अंतराल पर सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शाला प्रबंधन की रहेगी जवाबदेही

कलेक्टर ने कहा है कि यदि विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के परिवहन की व्यवस्था की जाती है, तो संबंधित शाला प्रबंधन को निर्धारित स्कूल बस गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना होगा। यदि परिवहन की व्यवस्था किसी अन्य स्तर पर की गई है, तब भी शाला प्रबंधन की जवाबदेही रहेगी।

विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के आवागमन में लगे सभी वाहनों की जानकारी संधारित करते हुए निर्धारित सुरक्षा मापदंडों का पालन सुनिश्चित करना होगा। निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित वाहन के संबंध में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित शाला प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शाला प्रबंधन स्वयं जवाबदेह होगा।

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