जनमत हिन्दी। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बरही-कुटेश्वर महानदी पुल के पिलर नंबर 9 और 10 में दरार आने के बाद 7 दिसंबर 2022 को तत्कालीन कटनी कलेक्टर अवि प्रसाद ने पुल को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। पुल बंद होने के बाद क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।आमजन की समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय नागरिक अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी ने अक्टूबर 2024 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इसके बाद सरकार के जल संसाधन विभाग ने पुल के संबंध में निविदा आमंत्रित की, लेकिन कोई निविदाकार सामने नहीं आया। दूसरी बार अधिक एसओआर रेट पर निविदा आने के बाद उसे भी निरस्त कर दिया गया।पुल बंद हुए करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उच्च न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की। 8 अप्रैल 2026 के अपने आदेश में न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि वह बताए कि मौजूदा पुल की मरम्मत कर उसे आवागमन के योग्य बनाया जा सकता है या नहीं। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है तो उसकी जानकारी भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।सरकार की ओर से उच्च न्यायालय को बताया गया कि जल संसाधन विभाग के इस पुल का निर्माण अब एमपीआरडीसी द्वारा कराया जाएगा और मरम्मत के लिए निविदा जारी की गई है।मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय की डिविजनल बेंच ने सरकार को निर्देशित किया कि निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए और आवश्यक मरम्मत कार्य कर सतना-मैहर-उमरिया पुल को यथाशीघ्र वाहनों के चलने योग्य बनाया जाए।
जल्द से जल्द पूरी करें निविदा प्रक्रिया: मरम्मत कर खोला जाए महानदी पुल, अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी कि याचिका पर हाईकोर्ट ने दिए राज्य सरकार को निर्देश

































































































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