तीन किलो सोने की तस्करी का मामला: आरोपियों के खुलासे के बाद कटनी के प्रतिष्ठित ज्वेलर की फर्म पर छापा, डीआरआई के रडार पर सराफा बाजार

जनमत हिन्दी। सोने की तस्करी मामले में नया अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक गुरूवार की रात कटनी जंक्शन में तीन किलो सोने के साथ गिरफ्तार किए गए सागर निवासी दो युवकों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। पूछताछ में युवकों ने कटनी शहर के एक प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी का नाम लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कोलकाता से वह यह सोना सराफा व्यापारी के लिए लाए थे, लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद मिले क्लू के आधार पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और सराफा बाजार पहुंचकर एक सराफा व्यापारी की फर्म पर दबिश दी। दोपहर दो बजे से शुरू हुई जांच शाम तक चलती रही। पूछताछ में क्या बातें सामने आई है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। अब देखना है कि इस मामले में डीआरआई की टीम क्या कार्रवाई करती है। यह भी पता चला है कि सीजीएसटी टीम द्वारा आज दोनों आरोपियों को कटनी लाकर जिला चिकित्सालय में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। सोने की कथित तस्करी के खिलाफ डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कटनी रेलवे स्टेशन में दबिश देते हुए सागर के दो युवकों को करीब तीन किलो सोने के साथ हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक कोलकाता से ट्रेन के माध्यम से सोना लेकर सागर आ रहे थे, दोनों युवक सागर शहर के निवासी बताये गए हैं, जिनका नाम अभिषेक और आयूष बताया गया हैं। डीआरआई को पहले से इसकी गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार डीआरआई अधिकारियों ने कटनी रेलवे स्टेशन पर पहले से निगरानी कर रखी थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही संदिग्ध दोनों युवकों को रोककर पूछताछ की गई और तलाशी लेने पर उनके पास से लगभग तीन किलो सोना बरामद हुआ। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर आगे की जांच के लिए जबलपुर ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि डीआरआई ने आरोपियों से बरामद सोने के संबंध में खरीद-बिक्री के बिल, टैक्स संबंधी दस्तावेज और अन्य वैध अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिलने पर सोना जब्त कर लिया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सोने की तस्करी के पीछे कोई संगठित तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी उजागर हुई है, हालांकि डीआरआई की ओर से अभी तक इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।

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