जनमत हिन्दी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा कटनी नगर निगम के लिए घोषित एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अधिवक्ता अमित शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार 50 प्रतिशत महिला आरक्षण, सामाजिक न्याय और “सबका साथ, सबका विकास” का दावा करती रही है, लेकिन नगर निगम कटनी की एल्डरमैन नियुक्तियों की सूची इन दावों की वास्तविकता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जारी की गई सूची में महिलाओं, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समाज और सिंधी समाज को अपेक्षित और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक निकाय में समाज के सभी वर्गों की संतुलित भागीदारी सुनिश्चित होना चाहिए था, लेकिन नियुक्तियों में यह संतुलन दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जब अवसर देने की बारी आती है तो महिलाओं और समाज के अनेक वर्गों की भागीदारी सीमित रह जाती है। यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांत पर विश्वास करती है, तो नियुक्तियों में प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति सभी वर्गों की समान भागीदारी और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व में निहित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक सहित प्रत्येक समाज के अधिकारों और सम्मानजनक भागीदारी की पक्षधर रही है। भाजपा सरकार को अपने दावों के अनुरूप कार्य करते हुए भविष्य में ऐसी नियुक्तियों में सभी वर्गों को न्यायसंगत और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसी भी समाज को स्वयं को उपेक्षित महसूस न करना पड़े।
सिर्फ नारा है ‘सबका साथ-सबका विकास’: शहर कांग्रेस अध्यक्ष बोले- एल्डरमैन नियुक्तियों में कई वर्गों की हुई अनदेखी


































































































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