दधिकांदो महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब: सुभाष चौक में मटकी फोड़ का रोमांच,देर रात तक उत्सव में डूबा रहा शहर

जनमत हिन्दी। दधिकांदो महोत्सव के अवसर पर रविवार को कटनी शहर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उत्सव के उल्लास में डूबा नजर आया। शाम 5 बजे श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से भगवान श्री मुरली मनोहर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-ताशों की गूंज, धार्मिक जयकारों और आकर्षक झांकियों के बीच आगे बढ़ती शोभायात्रा को देखने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।शोभायात्रा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर उस्ताद सुक्खन अखाड़ा, खेरमाई, झंडा बाजार, घण्टाघर, हीरागंज, बड़े हनुमानजी, सुभाष चौक और रुई बाजार होते हुए गर्ग चौराहे की ओर बढ़ी। मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, जलपान और पेयजल की व्यवस्था की गई।*घण्टाघर में मानव पिरामिड, सुभाष चौक में मटकी फोड़ का रोमांच*दधिकांदो महोत्सव के दौरान घण्टाघर और सुभाष चौक में मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने खासा उत्साह पैदा किया। घण्टाघर में ऊंचाई पर बांधी गई मटकी को फोड़ने के लिए युवाओं ने मानव पिरामिड बनाया। गोविंदाओं के प्रयास के दौरान नीचे खड़ी भीड़ लगातार उनका उत्साह बढ़ाती रही। मटकी फूटते ही जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।वहीं सुभाष चौक में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। मटकी फोड़ने के लिए विभिन्न गोविंदा टोलियों ने अपनी ताकत और संतुलन का प्रदर्शन किया। ढोल-ताशों की थाप के बीच मानव पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने के प्रयासों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सफल टीम के मटकी फोड़ते ही चौक तालियों और जयकारों से गूंज उठा।*राधा-कृष्ण के स्वरूपों ने मोहा मन*शोभायात्रा में 25 से अधिक झांकियां शामिल रहीं। राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चे और युवा आकर्षण का केंद्र बने रहे। नन्हे बाल गोपाल की झांकी ने भी लोगों का मन मोह लिया। सागर के डमरू-ताशा दल, मेरठ की शिव तांडव प्रस्तुति, राजस्थान की मोट-पतलू टीम सहित विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।जबलपुर के अखाड़े के कलाकारों के व्यायाम प्रदर्शन के साथ सतगुरु अखाड़ा सागर, शिवाजी अखाड़ा और सेवा दल अखाड़ा कुठला के कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। बाबा भोलेनाथ के डमरू नृत्य के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर प्रस्तुति देखते नजर आए।*रुई बाजार में कठपुतली नृत्य रहा विशेष आकर्षण*रुई बाजार में मंचीय कार्यक्रमों के साथ राजस्थान के कलाकारों ने पारंपरिक कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगी कठपुतलियों और लोककला की प्रस्तुति देखने के लिए लोगों की भीड़ देर तक जमा रही। मंच से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।शोभायात्रा के अंतिम हिस्से में भगवान गोपाल जी को आकर्षक रूप से सुसज्जित रथ पर विराजमान किया गया। रथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु मार्ग के दोनों ओर खड़े रहे। भगवान के दर्शन और जयकारों के साथ दधिकांदो महोत्सव की शोभायात्रा ने शहर में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

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