जमीनी हकीकत पर कलेक्टर की पैनी नजर: लापरवाह पटवारियों पर कार्रवाई, शिक्षक बन छात्रों को दिया ज्ञान

जनमत हिन्दी। कटनी जिले में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को परखने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी ने सोमवार को विकासखंड रीठी के विभिन्न ग्रामों का आकस्मिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने  बिलहरी के उपतहसील कार्यालय से लेकर शासकीय विद्यालयों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।  
कलेक्टर ने बिलहरी उप तहसील कार्यालय पहुंचकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने अतिरिक्त तहसीलदार अनुराधा सिंह से प्रकरणवार जानकारी प्राप्त की और आदेशों के क्रियान्वयन का स्वयं खसरा अभिलेखों से मिलान कर सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नौआपटी के एक नामांतरण प्रकरण में आदेश का सही अमल नहीं पाए जाने पर संबंधित पटवारी आशीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम कैमोरी के सीमांकन प्रकरण में नक्शा बटांकन नहीं होने का हवाला देकर सीमांकन कार्य लंबित रखने वाले तत्कालीन पटवारी अवध मिश्रा जो वर्तमान में कटनी शहर में पदस्थ हैं, उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी सीमांकन प्रकरण में कोई वैधानिक विवाद नहीं है और सभी पक्षकार सहमत हैं, तो सीमांकन के दौरान ही नक्शा बटांकन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रशासनिक सख्ती के बीच कलेक्टर का एक प्रेरणादायी पक्ष भी देखने को मिला। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांधा के निरीक्षण के दौरान वे सीधे कक्षा 12वीं में पहुंचे और विद्यार्थियों के बीच शिक्षक की भूमिका निभाते नजर आए। उन्होंने अंग्रेजी विषय का पाठ पढ़ाते हुए विद्यार्थियों से पाठ पढ़वाया, उसका हिंदी में अनुवाद कराया और विषय की बारीकियों को खुद सरल भाषा में समझाया। छात्रा प्राची गुप्ता, सादिया बी और छात्र अभिषेक चौधरी और सतेंद्र विश्वकर्मा ने पाठ पढ़कर सुनाया, जबकि कलेक्टर ने उन्हें उच्चारण और अर्थ समझाने में मार्गदर्शन दिया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सिर्फ पाठ्यपुस्तक तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकों के मूल कर्तव्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने छात्रों को जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद कलेक्टर हाई स्कूल की विज्ञान कक्षा में पहुंचे, जहां विद्यार्थियों को पाचन तंत्र का अध्याय पढ़ाया जा रहा था। उन्होंने छात्रों से विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी समझ और शिक्षण की गुणवत्ता का आकलन किया।

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