जनमत हिन्दी। किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने के कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा समय-सीमा बैठकों में लगातार दिये जा रहे निर्देशों के बावजूद फार्मर आईडी बनाने के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं पाये जाने पर तहसील स्लीमनाबाद के 9 हल्का पटवारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित पटवारियों से दो दिवस में जवाब मांगा है।
इन पटवारियों को जारी हुए नोटिस
तहसील स्लीमनाबाद के अंतर्गत हल्का भेड़ा की पटवारी श्रीमती नेहा मिश्रा, हल्का मवई एवं चरगवां के पटवारी श्री अनंत गुप्ता, हल्का पौनिया एवं सैलारपुर के पटवारी शांतनु गोरे, हल्का सरसवाही के पटवारी दिलराज सिंह, हल्का पहरूआ के पटवारी महेन्द्र मिश्रा, हल्का बंधी एवं धूरी के पटवारी योगेन्द्र सिंह, हल्का सलैयाफाटक एवं भूला के पटवारी देवलाल पटेल, हल्का कनौजा की पटवारी श्रीमती सुकन्या पाण्डेय तथा हल्का गुदरी की पटवारी श्रीमती किरन सेन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
कैंप में अपेक्षित प्रगति नहीं
तहसीलदार स्लीमनाबाद द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि फार्मर आईडी निर्माण के संबंध में संबंधित पटवारियों को बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं लाई जा रही है। ‘एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान’ के तहत 25 अगस्त को आयोजित कैंप में फार्मर आईडी निर्माण में शून्य अथवा अपेक्षित प्रगति नहीं होने का उल्लेख किया गया है। नोटिस में पूर्व में भी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की बात भी कही गई है।
दो दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश
तहसीलदार स्लीमनाबाद ने संबंधित पटवारियों को दो दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब समाधानकारक नहीं पाए जाने पर यह माना जाएगा कि संबंधित के पक्ष में कोई आधार नहीं है और नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।
वेतन वृद्धि रोकने और विभागीय जांच की चेतावनी
नोटिस में संबंधित कृत्य को कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का मामला बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के उपनियम (एक), (दो) एवं (तीन) के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत वेतन वृद्धि रोकने एवं विभागीय जांच की कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की चेतावनी दी गई है।
































































































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