जनमत हिन्दी। कटनी जिले में हत्या के आरोपी की जमीन फर्जीवाड़े और सांठगांठ से कौड़ियों के दाम खरीदने के मामले में घिरीं कटनी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर गाज गिरना शुरू हो गई है। कुठला थाने में एफआईआर (FIR क्र. 0738/2026) दर्ज होने के ठीक बाद, पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के कड़े निर्देश पर आज तड़के बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। शुक्रवार सुबह-सुबह पुलिस की विशेष टीम ने कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय को सीज (Seal) कर दिया है। इसके साथ दो एसआई और सीएसपी के रीडर को भी सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यालय के इस अचानक और कड़े कदम से जिले के पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
दफ्तर सीज, महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त करने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, पीएचक्यू (PHQ) भोपाल से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सीएसपी कार्यालय की तालाबंदी कर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। दस्तावेजों से छेड़छाड़ रोकने की कवायद: एफआईआर में नामजद आरोपी बनाई गईं सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कार्यालय को सीज करने का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़ी फाइलें, कंहवारा ज़मीन सौदे के संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकना है। जांच टीम करेगी तलाशी: बताया जा रहा है कि एसआईटी (SIT) या जांच अधिकारी जल्द ही सीज किए गए कार्यालय को खोलकर विस्तृत फोरेंसिक और दस्तावेजी जांच करेंगे।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया, उनके कथित संबंधी/पार्टनर क्षितिज राज बारापत्रे और ‘फ्रंटमैन’ मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) बीएनएस के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
आरोप है कि विवेचना के दौरान हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर, उसकी कंहवारा स्थित 82.86 लाख रुपये (गाइडलाइन दर) की जमीन को मात्र 18.20 लाख रुपये में मारूफ अहमद के नाम ट्रांसफर कराया गया था। इस सौदे में सीएसपी के करीबी क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से मारूफ के खाते में 15 लाख रुपये की फंडिंग की पुष्टि जांच में हुई है।
महकमे में मचा हड़कंप, निलंबन की भी संभावना
एक राजपत्रित पुलिस अधिकारी (DSP/CSP) के कार्यालय को इस तरह सुबह-सुबह सीज किए जाने की घटना से कटनी सहित पूरे प्रदेश के पुलिस प्रशासनिक गलियारे में खलबली मच गई है।
सूत्रों का कहना है कि दफ्तर सीज करने के बाद अब शासन स्तर से सीएसपी के निलंबन (Suspension) और विभागीय जांच के आदेश भी कभी भी जारी हो सकते हैं। पुलिस मामले की गहनता से विवेचना कर रही है।



































































































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