अपनी ही सरकार में सड़क के लिए धरना: भाजपा पार्षदों ने किया प्रदर्शन, सड़क बनी सियासी सवाल

जनमत हिन्दी। सत्ता के गलियारों में अक्सर विपक्ष सड़क, बिजली और पानी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरता है, लेकिन बरही नगर में तस्वीर कुछ अलग नजर आई। यहां सड़क निर्माण की मांग को लेकर सत्ता पक्ष के ही 6 पार्षदों को धरने पर बैठना पड़ा। ऊपर से नीचे तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद अपने ही क्षेत्र की सड़क बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन करना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।मामला बरही नगर के छिंदिया टोला क्षेत्र का है, जहां हीरापुर-जाजागढ़ सड़क की हालत कई वर्षों से खराब है। सड़क की बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग कई बार विधायक संजय पाठक और प्रशासन के सामने रखी जा चुकी है। सड़क निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन आरोप है कि अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों के लिए परेशानी सिर्फ खराब सड़क तक सीमित नहीं है। बरसात के दिनों में सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे वाहन चालकों के लिए सड़क पर निकलना मुश्किल हो जाता है और आए दिन हादसे होने की बात कही जा रही है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। गर्मी के दिनों में भी हालात राहत देने वाले नहीं हैं।सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा घनी बस्ती के बीच से गिट्टी और रेत से भरे दर्जनों बड़े वाहन गुजरते हैं। इन भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोगों के बीच जान-माल के खतरे की चिंता बनी रहती है। लगातार बनी इस समस्या को लेकर आखिरकार सत्ता पक्ष के 6 पार्षदों ने ही मोर्चा संभाल लिया। पार्षद धरने पर बैठ गए और जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। उनका प्रदर्शन इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कि जिन जनप्रतिनिधियों के दल की सरकार प्रदेश में सत्ता में है, उन्हीं को अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्या को लेकर धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।पार्षदों के धरने की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार संतोष श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों और मौके पर मौजूद लोगों से समस्या की जानकारी ली। नायब तहसीलदार ने समस्या के समाधान और सड़क निर्माण के लिए जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद सत्ता पक्ष के 6 पार्षदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अब स्थानीय लोगों और पार्षदों की नजर सड़क निर्माण को लेकर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है। लंबे समय से खराब सड़क, बरसात में गड्ढों में भरता पानी, गर्मी में उड़ती धूल और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क निर्माण की मांग एक बार फिर सामने आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *