जनमत हिन्दी। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को कटनी जिला पंचायत की स्थापना शाखा में पदस्थ लेखपाल को पांच हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लेखपाल ने एक ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन को बहाल कराने के बदले ेमें रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत ग्राम पंचायत सचिव ने लोकायुक्त जबलपुर से की थी। जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई है।
लोकायुक्त में शिकायत करने वाले फरियादी ग्राम सचिव आशीष कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत बसाड़ी में पदस्थ रहते हुए उन पर लोकायुक्त की कार्रवाई हुई थी, जिसमें उन्हें सह-आरोपी बनाया गया था। इसके छह महीने बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अपनी बहाली के लिए आशीष दुबे ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने 30 दिनों के भीतर मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, एक साल बीत जाने पर भी लेखपाल सत्येंद्र सोनी ने उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई और मोबाइल फोन की मांग पर अड़ा रहा। लोकायुक्त इंस्पेक्टर बृजमोहन के अनुसार आरोपी लेखपाल शुरुआत में मोबाइल फोन की मांग कर रहा था। ग्राम सचिव द्वारा असमर्थता जताने पर लेखपाल ने किस्तों में पैसे लेने की सुविधा देने के लिए सहमत जताई। 23 फरवरी को शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने लेखपाल को रिश्वत रंगेहाथों रिश्वत लेते पकड़े जाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार गुरूवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम कटनी पहुंची। जैसे ही लेखपाल सत्येंद्र सोनी ने रिश्वत के पांच हजार रूपए लिए, तभी लोकायुक्त की सात सदस्यीय टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
बहाली के बदले घूस: लोकायुक्त जबलपुर की ने की कार्रवाई, लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथों दबोचा












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