जनमत हिन्दी। जो इस देश में जन्मा है, भारत माता को जो अपनी माता मानता है, भारतीय संस्कृति को मानता है वह हिंदू है, उनकी उपासना पद्धति कोई भी हो लेकिन जो अपने को देश के नागरिक मानते हैं, देश का पुत्र मानते हैं वे हिंदू हैं।संघ अपनी स्थापना काल से उपेक्षा, और विरोध इन अवस्थाओंसे निकलकर अब स्वीकार की और बढ़ा है। हम सब भारत माता के पुत्र हैं, पृथ्वी के पुत्र हैं, वसुधैव कुटुंबकम् का हमारा नारा है, हम इस देश के नागरिक हैं इस नाते से हमको महाशक्ति नहीं भारत को विश्वगुरु बनाना है,यही हमारा लक्ष्य है’ ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर देश भर में आयोजित हो रही प्रमुख जन गोष्ठी की श्रृंखला में कटनी में आयोजित गोष्ठी में अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सुनील कुलकर्णी ने बतौर मुख्य वक्ता के रूप में कहीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवी दीपिका शर्मा ने मातृ शक्ति को राष्ट्र कार्य में सहभागी होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति संस्कारित रहती है तो घर का प्रत्येक सदस्य संस्कारित रहता है, मातृ शक्ति घर की पहली शिक्षिका है,घर परिवार से ऊपर उठकर हमे समाज और राष्ट्र के संबंध में सोचना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष पर आयोजित हो रही प्रमुख जन गोष्ठी में मंच पर मुख्य वक्ता और मुख्य अतिथि के साथ मंच पर विभागसंघचालक विपिन तिवारी, जिला संघचालक डॉ अमित साहू भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला कार्यवाह संजय त्रिपाठी ने रखी और संचालन तथा आभार भगवान दास सिंह राठौड़ ने किया। विभाग कार्यवाह अमित कनकने, जिला प्रचारक चंदन सहित कार्यक्रम में कटनी जिले के विभिन्न सामाजिक व्यावसायिक एवं प्रबुद्ध वर्ग के नागरिकों तथा मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। उपस्थित जनों की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति समझ और शंकाओं का समाधान भी सुनील कुलकर्णी ने किया।
संघ के शताब्दी वर्ष पर वैचारिक मंथन: कटनी में गूंजा संदेश – “भारत को विश्वगुरु बनाना ही लक्ष्य”












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