जनमत हिन्दी। हम सब में एक ही ईश्वर का वास है, हमारी मुट्ठी जब तक बंधी है तभी तक शक्ति है इसलिए प्रत्येक हिंदू को जाती व्यवस्था में न पड़कर हिंदू होने के नाते एक रहकर सभी के सुख की कामना करना और सारा विश्व हमारा परिवार है। सभी के हित का चिंतन और सबके दुख में सहभागी होना हमारा लक्ष्य होना चाहिए, मनुष्य को अपने परिवार के साथ-साथ समाज राष्ट्र और अपने आसपास रहने वाले व्यक्तियों का चिंतन भी करना चाहिए। ये बातें कटनी के पिपरौंध मंडल में संपन्न हुए हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान परम पूज्य महंत श्री श्री 1008 सुरेंद्र दास जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। कार्यक्रम में मातृशक्ति वक्ता के रूप में उपस्थित बाल विदुषी संत स्तुति दुबे जी ने नारी का सम्मान ,भारत की वैभवशाली परंपरा रहा है को विस्तार से सभी को बताया और महिलाओं को घर पर स्वदेशी के प्रयोग और कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से एकजुटता के बारे में बताया, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अमित कनकने ने संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित हिंदू सम्मलेनो का महत्व और संघ के समाज उपयोगी सेवा कार्यो तथा इतिहास विकास और पंच परिवर्तन के संबंध में बतायाकार्यक्रम में अखिल पांडे, ओंकार तिवारी, राजकुमार तिवारी, विवेक जैन, डॉक्टर सुकांत मलिक, भगवत बर्मन, विष्णु बर्मन अश्विनी गौतम ,तेजीलाल कुशवाहा, पंडा जी,गुड्डा जायसवाल तथा बड़ी संख्या में मातृ शक्ति एवं प्रबुद्ध जन उपस्थितरहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण से हुआ।
हिंदू सम्मेलन: सारा विश्व हमारा परिवार, समाज और राष्ट्र के हित का चिंतन ही लक्ष्य












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