जनमत हिन्दी। कटनी जिले के एनएच 43 (कटनी-उमरिया मार्ग) पर स्थित सुर्खी टैंक के पास वन विभाग के नाके में अवैध रूप से वसूली किए जाने के आरोप लग रहे है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) की जांच ने यह साबित कर दिया है कि यहां वन विभाग के कर्मचारी और प्राइवेट गुंडे मिलकर खनिज वाहनों से सरेआम लूट मचा रहे थे। सीएम हेल्पलाइन शिकायत की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। लेकिन हैरानी की बात है कि पूरे मामले में एफआईआर कराने की बजाय खनिज विभाग के अधिकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कह कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायतकर्ता जगदीश तिवारी की हिम्मत ने उस सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया है, जो लंबे समय से खनिज विभाग के नाम पर अवैध उगाही कर रहा था। जांच में सामने आया कि नाके पर तैनात कर्मचारी खनिज ले जा रहे ट्रक ड्राइवरों को रोककर 100 से 500 रुपए की अवैध वसूली कर रहे थे। हद तो यह है कि इस लूट की कोई रसीद तक नहीं दी जाती थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या वसूली ऊपर तक बैठे अधिकारियों की मौन सहमति से हो रही थी। सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यह नाका चलाया जा रहा था। पूरे जिले में शासन द्वारा कोई भी ‘खनिज जांच नाकाÓ अधिसूचित नहीं है। फिर किस हक से वाहनों को रोका जा रहा था, वन विभाग को सिर्फ लकड़ी और वन उपज की जांच का अधिकार है।
कटनी में नाका बना उगाही का अड्डा: सीएम हेल्पलाइन ने खोली पोल, ट्रक ड्राइवरों से खुलेआम वसूली












Leave a Reply