जनमत हिन्दी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एशिया के सबसे बड़े रेलवे फ्लाईओवर का अप ट्रैक चालू हो गया है। इससे जंक्शन पर रेड सिग्नल का इंतजार इतिहास हो गया है। आने वाले दिनों में 90 से 100 मालगाडिय़ां बिना रुके गुजरेंगी। इससे रेलवे को 300-400 करोड़ के ईंधन और परिचालन लागत की सालाना बचत होगी। कटनी का रेलवे वायडक्ट उस सप्लाई चेन का हिस्सा है, जिस पर देश के बिजलीघर, फैक्ट्रियां और खनिज उद्योग टिके हैं। अभी लगभग 20 मालगाड़ियां सरपट निकल रही हैं। झलवारा कटंगी से मझगवां तक 33.40 किलोमीटर लंबा ग्रेड सेपरेटर में 50 मालगाड़ियां एक के पीछे एक खड़ी हो सकती हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार भारतीय रेलवे का सबसे लंबा पुल कटनी ग्रेड सेपरेटर बन रहा है। अप ट्रैक का निर्माण पूरा हो गया है। डाउन ट्रैक का निर्माण तेजी से हो रहा है।
फैक्ट फाइल:
33.40 किमी कुल लंबाई।
डाउन ग्रेड सेपरेटर: 17.52 किलोमीटर।
अप ग्रेड सेपरेटर: 15.85 किलोमीटर।
676 पिलर की लंबाई इतनी कि कई शहरों की कुल सीमा से भी ज्यादा।
रेल ग्रेड सेपरेटर इतना लंबा कि 50 मालगाडिय़ां एक साथ खड़ी हो जाए।
अभी गुजर रहीं 20 मालगाड़ियां।
आने वाले दिनों में 90 से 100 मालगाडिय़ां बिना रुके गुजरेंगी।
रेलवे को 300-400 करोड़ के ईंधन और परिचालन लागत की सालाना बचत होगी।
अनुमानित लागत: 1800 करोड़।












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