अभद्रता से भड़का आक्रोश: महापौर, पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने की गिरफ्तारी की मांग, 24 घंटे का अल्टीमेटम

जनमत हिन्दी। नोपार्किंग में खड़े वाहनों कार्रवाई के दौरान एक कार चालक द्वारा नगर निगम की टीम से की गई अभद्रता और नगर निगम आयुक्त के प्रति की गई बेहद अपमानजनक अश्लील टिप्पणी के खिलाफ नगर निगम जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी-कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। सोमवार महापौर, पार्षद, नगर निगम के अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं कोतवाली थाना प्रभारी को भी ज्ञापन सौंपा कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की गई है। पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम दद्दाधाम निवासी श्याम सुन्दर पांडेय को जल्द से जल्द गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन के सहयोग से शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नो-पार्किंग और अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को हटाने के लिए कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। 27 दिसंबर 2025 को श्याम सुन्दर पांडेय द्वारा बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित किया गया। जब अतिक्रमण और यातायात पुलिस के कर्मचारियों ने वाहन हटाने का अनुरोध किया तो संबंधित व्यक्ति द्वारा कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अनुचित शब्दों का प्रयोग किया गया। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। महापौर ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न सिर्फ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करती हैं, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी गिराती हैं। लिहाजा इस मामले की की गंभीरता को देखते हुए श्याम सुन्दर पांडेय के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की जाए। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।इससे पहले नगर निगम के कर्मचारियों ने एकजुट होकर कोतवाली थाना पहुंचकर थाना प्रभारी राखी पांडेय को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। गिरफ्तारी नहीं होने पर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि यह हमला सिर्फ व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की मर्यादा पर है। नगर निगम के कर्मचारियों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को इसी तरह से डराया-धमकाया जाएगा, तो फील्ड पर काम करना असंभव हो जाएगा। पुलिस ने इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रकरण की विवेचना की जा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने गिरफ्तारी की मांग की है।

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