जनमत हिन्दी। किसी भी नगर की पहचान में स्थानीय चौपाटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चौपाटी का निर्माण बार-बार संभव नहीं होता, इसलिए इसके निर्माण में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाना आवश्यक है। ये निर्देश नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने निर्माणाधीन चौपाटी के स्थल निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को दिए। उन्होने कहा कि चौपाटी को व्यवस्थित, सुविधायुक्त और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए। इसमें अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को भी समाहित कर समुचित कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने चौपाटी निर्माण की ड्राइंग डिजाइन का अवलोकन करते हुए स्थल पर निर्मित कराई गई संरचनाओं और चौपाटी के अन्य विकास कार्यो के लिए रिक्त स्थल पार्किंग स्थल, बैठक व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कर पार्किंग की व्यवस्था चौपाटी परिसर के बाहर समीप के अन्यत्र उचित स्थल पर करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि चौपाटी परिसर को इंदौर की छप्पन और जयपुर की चौपाटी की तर्ज पर अलग-अलग सेक्शन वार सुव्यवस्थित, स्वच्छ और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए। उन्होंने फूड स्टॉल्स की नियोजित व्यवस्था, बैठने की समुचित सुविधा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के साथ ही, चौपाटी को पारिवारिक और सुरक्षित वातावरण के साथ विकसित करने पर जोर दिया, ताकि यह नागरिकों के लिए एक आकर्षक और सुविधाजनक स्थल बन सके। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त द्वारा दीनदयालय रसोई रोटी कुटी और पूर्व स्थापित चौपाटी के रिक्त परिसर का निरीक्षण कर हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रस्तावित निर्माण कार्यो के स्थलों की जानकारी लेने, जिला अस्पताल, मुड़वारा स्टेशन, फारेस्टर प्लेग्राउंड सहित चैपाटी आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने की सुविधा के मद्देनजर मल्टी-लेवल पार्किंग के लिए क्षेत्र में उचित स्थल का चयन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री असित खरे, सहायक यंत्री अनिल जायसवाल, उपयंत्री संजय मिश्रा सहित संविदाकार और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शहर की पहचान बनेगी नई चौपाटी: इंदौर की छप्पन और जयपुर चौपाटी की तर्ज पर विकसित होगी नई चौपाटी, आयुक्त ने किया निरीक्षण












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